डेयरी रो धंधो आम सोच नै उलट देवै. घणकरी दुकानां में उधार अपवाद हुवै; डेयरी में ओ लगभग रोज रो नियम है. गिराक रोज दूध लेवै अर महीनै रै आखिर में चुकावै, इण वास्तै अठै गल्लै सूं बेसी बही मायनो राखै.
बाकी, जकी आपै-आप बणै
हर डिलीवरी या काउंटर री बिक्री उणी टैम गिराक रै खातै में चढ जावै, इण वास्तै महीनै रै आखरी दिन आंकड़ो पैलां सूं ई सही हुवै. हिसाब चुकावणो फगत वसूली रैय जावै, फेर सूं जोड़णो कोनी.
कोई गिराक रकम माथै सवाल करै, तो बाकी खोलनै उणरै लारै रा एक-एक दिन देख सको — हाथ सूं लिख्योड़ी बही रो बचाव करण सूं आ बात घणी छोटी हुवै.
एक्सपायरी रोज री चिंता है
दूध, दही अर पनीर घणा दिन कोनी टिकै अर मार्जिन भी पतळो, इण वास्तै पुराणो हुवतो स्टॉक मोड़ा मिलण वाळा पइसा कोनी, डूब्योड़ा पइसा है. एक्सपायरी ट्रैकिंग अर सेल्फ खाली हुवण रा अलर्ट बतावै कै कांई माल पैलां निकाळणो है, जितै वो बिकण जोगो है.
बही, जकी साथै चालै
बिक्री अर खरीद आपै-आप Zoho Books में पूगै, अर काउंटर री बिक्री सैंकड़ां छोटा इनवॉइस री जगां दिन रै एक इनवॉइस में भेळी हुवै.